About Dussehra Festival On Essay

Tags: Shoplifting EssayTruth EssayProblem Statement For ProjectSmall Winery Business PlanIntro Of EssayHow To Improve Creative Writing Skills In EnglishProper Quotation EssayPrimary Research PapersWorldview Essay

यह पर्व पूरे भारत देश में मनाया जाता है। दशहरा को लोग विजयादशमी के नाम से भी जानते है, इसे पूरे भारत के लोग जबरदस्त उत्साह और खुशी के साथ मनाते है। ये भारत के प्रमुख धार्मिक त्योहारों में से एक है। ऐतिहासिक मान्यताओं और प्रसिद्ध हिन्दू धर्मग्रंथ रामायण के अनुसार ऐसा उल्लिखित है कि भगवान राम ने रावण को मारने के लिये देवी चंडी की पूजा की थी। लंका के दस सिर वाले राक्षस राजा रावण ने अपनी बहन शूर्पणखा की बेइज्जती का बदला लेने के लिये राम की पत्नी माता सीता का हरण कर लिया था। तब से जिस दिन से भगवान राम ने रावण को मारा उसी दिन से दशहरा का उत्सव मनाया जा रहा है। कुछ लोग का यह मानना है की माँ दुर्गा ने महिषासुर से लगातार नौ दिनों तक युद्ध करके दशहरे के दिन ही महिषासुर का वध किया। विजयादशमी भगवान राम की रावण पर विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा यानी माँ दुर्गा का महिषासुर पर विजय के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति पूजा का पर्व है। प्रस्तावना विजयादशमी के नाम से मनाया जाने वाला त्योहार दशहरा, हिन्दू धर्म के द्वारा हर साल पूरे भारत में बेहद खुशी के साथ मनाया जाता है। ये हर साल दीपावली के 20 दिन पहले सितंबर या अक्तूबर के महीने में पड़ता है। 2018 में दशहरा 19 अक्तूबर को पड़ रहा , ये पर्व राक्षस राजा रावण पर राम के जीत की खुशी में मनाया जाता है। दशहरा का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रुप मनाया जाता है। जिस दिन भगवान राम ने रावण को मारा उसी दिन से दशहरा मनाया जा रहा है। ये प्रथा प्राचीन काल से ही चली आ रही है। दशहरा क्यों मनाया जाता है?

प्राचीन समय में, राजा राम को उनके राज्य अयोध्या से 14 साल के लिये वनवास पर भेज दिया गया था। वनवास के आखिरी सालों में रावण ने सीता का हरण कर लिया। ऐसा कहा जाता है कि राम के भाई लक्ष्मण ने रावण की बहन के नाक-कान काट दिये थे जिस कारण रावण ने लक्ष्मण की भाभी सीता का अपहरण कर लिया जिसके उपरांत भगवान राम और लंका के राजा रावण में भयावह युद्ध हुआ, भगवान राम ने विजयादशमी के दिन ही रावण पर विजय पाकर अयोध्या लौटे। विजयादशमी के इस दिन बुराई पर अच्छाई के विजय के प्रतीक के रूप में रावण के पुतले का दहन कर दशहरा मनाया जाता है। निष्कर्ष लोग इस पर्व को ढेर सारी खुशी और उत्साह के साथ मनाते है। विजयादशमी भगवान राम की रावण पर विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा यानी माँ दुर्गा का महिषासुर पर विजय के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति पूजा का पर्व है। प्रस्तावना दशहरा हिन्दुओं का बहुत महत्वपूर्ण और मायने रखने वाला त्यौहार है। इस पर्व का महत्व पारंपरिक और धार्मिक रुप से बहुत ज्यादा है। भारतीय लोग इसे बहुत उत्साह और भरोसे से मनाते है। ये पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत को भी प्रदर्शित करता है अर्थात् पाप पर पुण्य की जीत। लोग इसे कई सारे रीति-रिवाज और पूजा-पाठ के द्वारा मनाते है। धार्मिक लोग और भक्तगढ़ पूरे दिन व्रत रखते है। कुछ लोग इसमें पहले और आखिरी दिन व्रत रखते है तो कुछ देवी दुर्गा का आशीर्वाद और शक्ति पाने के लिये इसमें पूरे नौ दिन तक व्रत रखते है। दसवें दिन लोग असुर राजा रावण पर राम की जीत के उपलक्ष्य में दशहरा मनाते है। दशहरा का पर्व हर साल सितंबर और अक्तूबर के अंत में दीवाली के दो सप्ताह पहले आता है। रामलीला का आयोजन देश के कई बरसों में दशहरा को मनाने का रीति-रिवाज और परंपरा अलग-अलग है। कई जगहों पर पूरा दस दिन के लिए मनाया जाता है, मंदिर के पुजारियों द्वारा मंत्र और रामायण की कहानियां भक्तों की बड़ी भीड़ के सामने सुनाई जाती है साथ ही कई जगहों पर रामलीला का आयोजन 7 दिन या मौसम तक किया जाता है। सारे शहर में रामलीला का आयोजन होता है। राम लीला पौराणिक महाकाव्य, रामायण का एक लोकप्रिय अधिनियम है। ऐसा माना जाता है कि महान संत तुलसीदास ने राम, राम की परंपरा शुरू की, जो भगवान राम की कहानी के अधिनियम था। उनके द्वारा लिखी गई रामचरितमानस आज तक रामलीला प्रदर्शन का आधार बनाती हैं। रामनगर राम लीला (वाराणसी में) सबसे पारंपरिक शैली में अधिनियमित किया गया है। निष्कर्ष विजयदशमी मनाने के पीछे राम लीला का उत्सव पौराणिक कथाओं को इंगित करता है। ये सीता माता के अपहरण के पूरे इतिहास को बताता है, असुर राजा रावण, उसके पुत्र मेघनाथ और भाई कुम्भकर्ण की हार और अंत तथा राजा राम की जीत को दर्शाता है। वास्तविक लोग राम, लक्ष्मण और सीता तथा हनुमान का किरदार निभाते है वहीं रावण, मेघनाथ और कुम्भकर्ण का पुतला बनाया जाता है। अंत में बुराई पर अच्छाई की जीत को दिखाने के लिये रावण, मेघनाथ और कुम्भकर्ण के पुतले जला दिये जाते है और पटाखों के बीच इस उत्सव को और उत्साह के साथ मनाया जाता है। प्रस्तावना दशहरा हिन्दू धर्म के लोगों का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। इसे पूरे उत्साह के साथ पूरे देश में हिन्दू धर्म के लोगों द्वारा लगातार दस दिन तक मनाया जाता है। इसलिये इसे दशहरा कहते है। पहले नौ दिन तक देवी दुर्गा की पूजा की जाती है , दसवें दिन लोग असुर राजा रावण का पुतला जला कर मनाते है। दशहरा का ये पर्व सितंबर और अक्तूबर के महीने में दीवाली के दो या तीन हफ्ते पहले पड़ता है। हिन्दू देवी दुर्गा की पूजा के द्वारा इस त्यौहार को मनाया जाता है तथा इसमें प्रभु राम और देवी दुर्गा के भक्त पहले या आखिरी दिन या फिर पूरे नौ दिन तक पूजा-पाठ या व्रत रखते है। नवरात्र को दुर्गा पूजा के नाम से भी जाना जाता है जब देवी दुर्गा के नौ रुपों की पूजा की जाती है। क्यों ना हम पहले आपने अन्दर के रावण को मारें। "रावण पर विजय पाने के लिए पहले खुद राम बनना पड़ता है” हम बाहर रावण का पुतला तो जलाते है लेकिन अंदर उसे पोषित करते है। वो तो सतयुग था जिसमें केवल एक रावण था जिसपर भगवान राम ने विजय प्राप्त की। यह तो कलयुग है जिसमे हर घर में रावण है। इतने रावण पर विजय प्राप्त करना मुश्किल है। विजयादशमी बहुत ही शुभ और ऐतिहासिक पर्व है। लोगो को इस दिन अपने अंदर के रावण पर विजय प्राप्त कर हर्षोल्लास के साथ यह पर्व मनाना चाहिए। जिस प्रकार एक अंधकार का नाश करने के लिए एक दीपक ही काफी होता है वैसे ही अपने अंदर के रावण नाश करने के लिए एक सोच ही काफी है। ना जाने कई सालों सदियों से पूरे देश में रावण का पुतला हर साल जलाकर दशहरे का त्यौहार मनाया जाता है। अगर रावण की मृत्यु सालों पहले हो गयी थी तो फिर वो आज भी हमारे बीच जीवित कैसे है?

Dussehra is a ten days and nine nights long Hindu festival.

It marks the victory of goodness over evil power such as victory of Rama over Ravana and victory of Durga over Mahishasura.

The crowd bursts into cheer shouting “Jai Shree Ram”.

Dussehra is a most important Hindu festival celebrated every year by the Hindu people all over the country.

Always believe in hard work, where I am today is just because of Hard Work and Passion to My work.

I enjoy being busy all the time and respect a person who is disciplined and have respect for others.

Dussehra is a major Indian festival celebrated by the Hindu community.

Celebrated on the tenth day of Hindu calendar month of Ashvin it also marks the end of Navratri festivities.

SHOW COMMENTS

Comments About Dussehra Festival On Essay

The Latest from vintage-expo.ru ©